सैड ट्रू लव स्टोरी: विश्वासघाती दिल | Sad But True Love Story Hindi

 एक दुखद लेकिन सच्ची प्रेम कहानी | Ek Dukhad Lekin Sacchi Prem Kahani

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Vishwasghaati Dil Hindi Sad Love Story Kahani


मुझे केवल एक बार ही प्यार हुआ है। और, मैं जानती हूं कि जिस व्यक्ति से मैं प्यार करती थी, वह भी मुझसे उतना ही ज्यादा प्यार करता था, जितना मैं उससे किया करती थी।

हमारा प्यार बहुत हद तक 1970 की फिल्म "लव स्टोरी" में दो पात्रों के बीच दिखाए गए प्यार की तरह था ।

Sad But True Love Story Hindi: Vishwasghaati Dil 
सैड बट ट्रू लव स्टोरी हिंदी: विश्वासघाती दिल

दिल इतना विश्वासघाती है की, यह किसी को भी विश्वास दिला सकता है कि एक दूसरे के बिना जीवित रहना कठिन है। मन सवाल करना शुरू कर सकता है कि आखिर यह सब मेरे से क्यों हुआ। मन तर्कहीन और भ्रमपूर्ण बातें करना शुरू कर देता है जो व्यक्ति को पागल बना देती है और निराशा और उदास महसूस कराती है।

हमारा लाइफ बिलकुल नार्मल चल रहा था, हमने लव मैरिज किया था। हमने दो साल के बाद बच्चे के लिए सोचा और उसके लिए कोशिश करने लगे।

मेरी दो एक्टोपिक गर्भधारण के बाद, फिर कभी मेरे गर्भवती होने की कोई उम्मीद नहीं थी, यह मेरे लिए बहुत मुस्किल समय था मेरे पिछले दोनों गर्भ ख़राब हो चुके थे और इस बार मुझे या बच्चे दोनों में से किसी एक को ही चुनना था। 


मैं उस समय शारीरिक दर्द तो झेल ही रही थी, लेकिन उसके साथ मुझे मानसिक प्रताड़ना भी झेलना पड रहा था। मुझे लगातार याद दिलाया जाता था कि मैं उनके लिए एक चीज देने में असमर्थता रखती थी जो उसने मुझसे मांगी थी, सिर्फ एक बच्चा, सिर्फ एक बच्चा पैदा करने के लिए उसने कहा वो भी मैं नहीं कर पा रही थी। उसी क्षण से हमारा प्यार लगभग ख़तम होता चला गया। यह मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक समय था, जैसा कि उसके लिए भी था।


हमने सरोगेसी के बारे में सोचा, और शादी के बाद, हम इन विट्रो विशेषज्ञ के पास गए, लेकिन मेरे जटिल सीएचडी के कारण यह उस समय संभव नहीं था।


जैसे की मैंने सरोगेसी का उल्लेख किया था, लेकिन जैसा कि हम दोनों ने तर्क दिया- क्या मेरी बहन, एक अच्छी सरोगेट मदर बन सकती थी,  क्या वह पहले अपना बच्चा नहीं चाहती? और फिर यह तो प्रकृति माँ के साथ खिलवाड़ ही हो रहा था जिस पर हमें विचार करना था।

इसलिए सरोगेसी कभी नहीं हुई और न हमने बच्चा ही गोद लिया।


मैं अपने बहुत बुरे समय से गुजर रही थी , हमारे बिच हर दिन लड़ाई झगडा होने लगा। हम दोनों अब छोटे छोटे बात पर झगडने लगते। ये हर दिन की ख़ट-पट इतना बढ़ गया की अब हम एक दुसरे को देखना भी पसंद नहीं करते। वो अब अपना सारा समय ऑफिस या अपने दोस्तों के साथ बिताना शुरू कर दिए। रात में एक बजे दो बजे घर आना शुरू हो गया और सुबह 6-7 बजे ही चले जाना।  फिर हम दोनों ने निर्णय किया की जितने प्यार से हमने ये खुबसूरत रिश्ता का शुरुवात किया था वैसे ही इसका अंत करे और फिर हम दोनों ने अच्छे नोड पर एक दुसरे से अलग होने का निर्णय किया और तलाक ले लिया।


मुझे कुछ समझ नही आ रहा था की मेरे लाइफ में ये सब क्यू हो रहा, मैं कैसे निकलूं  इस फेज से और यही सब सोचते हुए मेरे दिन बितते थे। मैं रातों को सो नही पाती थी, मैं धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो गयी। सब कुछ खो जाने का गम मुझे अन्दर ही अन्दर खाए जा रहा था। कभी कभी तो मैंने आत्महत्या करने का भी सोचा, लेकिन थैंक्स तो गॉड की मैं वो नही कर पाई।


फिर एक दिन मैं अपने घर में खुद को मारने के लिए पोइज़ेन खोज रही थी की, वही कही रैक पर मैंने नेल्सन मंडेला द्वारा लिखा बुक “Conversations with Myself” को  देखा, न जाने कहा से मेरा दिमाग को कुछ हुआ और मैं खुदखुशी के बारे में भूल गयी और उसे पढना शुरू कर दिया।

धीरे-धिरे मैं उनके बुक में खोती चली गयी।

नेल्सन मंडेला द्वारा लिखा बुक “Conversations with Myself” को पढ़कर, मैं उनके द्वारा अपनी दूसरी पत्नी, विनी को लिखे गए एक पत्र की ओर आकर्षित हुई, और इसने मेरी आँखों में आँसू भर दिए।


विनी को लिखे पत्र में उस घटना का जिक्र था जब वह जेल में मंडेला से मिलने आई थीं। उन्होंने लिखा कि कैसे जब उन्होंने अपनी खिड़की से बाहर देखा तो वह बड़ी चमकदार नाव को देख सकते थे जिससे विनी उनके पास आ रही थी और कैसे जब उन्होंने उसे देखा, तो वह सुंदर तो लग रही थी, लेकिन उतनी सुंदर नहीं जितनी 1968 में लगती थी, जब वे दोनों एक साथ थे, और कि जब वह वहां जेल से उनसे मिलकर चली गई, तो उन्हें वह अकेलापन महसूस होने लगा और कैसे, अब, जो नाव उसे ले कर वापस जा रही थी, तो वह नाव अब अलग, धुंधली सी, उतनी उज्ज्वल नहीं दिख रही थी जैसा आते समय दिख रही थी।


मंडेला के पत्र को पढ़ने के बाद, मुझे फ्रांसीसी दार्शनिक वोल्टेयर द्वारा  लिखा किताब "कैंडाइड" पढने का मौका मिला और उस उपन्यास में दो पात्रों को दिखाया गया है, जिनके अमर प्रेम ने उन्हें फिर से एक साथ कर दिया, जबकी बहुत से दुखद घटनाओं ने उन्हें एक-दूसरे से दूर कर दिया था। और कैसे कैंडाइड, अपने जवानी की दिनों में जब पहली बार उससे मिले थे, तो कुनेगोंडे कितनी सुंदर थी, और अब, ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियां जो उन दोनों के जीवन में अलग होने के दौरान हुई, तभी वे अभी भी एक दूसरे से वैसा ही प्यार करते थे। जैसे मैं उनसे करती हूँ।

मुझे आशा है कि मेरी बातें कड़वा और कठोर नहीं लग रही होंगी, लेकिन जीवन की घुमावदार सड़कों ने मुझे प्यार के उस युग से बहुत दूर कर दिया है - जब प्यार पक्का था, जब प्यार मासूम था।

कहते हैं कि प्यार करना और खोना कभी प्यार न करने से बेहतर है और, उनको अपने से पूरी तरह आलग कर देना मेरे लिए बहुत कठिन था। लेकिन समय के साथ मैं भी अकेले रहना सिख ही गयी, आज भी बहुत बार उनकी याद आती है लेकिन क्या ही कर सकते है, समय ने हमे अलग कर ही दिया है।


"लव स्टोरी" में एक लाइन है जो फिल्म के दौरान कही जाती है, और फिर अंत में दोहराई जाती है, "लव का मतलब है कि कभी भी आपको सॉरी नहीं कहना।"


हम दोनों ने जो एक दुसरे से इतना प्यार किया उसके लिए मुझे कोई दुःख नहीं है। लेकिन, मैं अपने भविष्य को लेकर इतनी अनिश्चितता के साथ रह रही थी, मेरी पूरी दुनिया पल भर में ही हिल गई थी। इतने सारे साथ बिताये हुए लम्हे और अधूरे सपने हैं जो मेरे हाथों से रेत की तरह गिर गए।


और, फिर, मैं अपने आप से तर्क करती रहती हूं हमेशा अपने अधूरे पुराने समय को सोचती हूँ, फिर यह खुद से कहती हूँ इस दुनिया में कुछ भी संभव है, कभी भी आपका जीवन पूरी तरह से बदल सकता है, मैं तो इस सच को मानती हूँ आप भी इसके लिए तैयार रहिए।

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Team Love Story In Hindi


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